जनसरोकार

इंदौर (खबरगली) ​इंदौर के दो सबसे मजबूत और आर्थिक रूप से समृद्ध समुदायों—जैन और अग्रवाल समाज—ने फिजूलखर्ची और दिखावे वाली शादियों पर एक बड़ा और क्रांतिकारी निर्णय लिया है। जहां एक तरफ शादियाँ सिर्फ स्टेटस सिंबल और बैंक बैलेंस दिखाने का जरिया बनती जा रही थीं, वहीं इंदौर के इस फैसले ने समाज को आईना दिखा दिया है। ​अगर आप भी शादी के नाम पर लाखों रुपये का कर्ज लेकर इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों की जेबें भर रहे हैं, तो यह खबर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।