सुरभि जनजागरण सेवा समिति के आयोजन में आचार्य कौशिक जी महाराज ने की "एक लाख गौमाता" के संरक्षण की अपील
रायपुर (खबरगली ) सुरभि जनजागरण सेवा समिति के तत्वावधान में गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर सभागार में आयोजित त्रिदिवसीय श्री केवट चरित्र कथा का भव्य समापन हुआ। सनातन संस्कृति, श्रद्धा और अटूट भक्ति के अनुपम वातावरण में संपन्न हुए इस दिव्य आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सभी ने प्रभु श्रीराम और निषादराज केवट के पावन प्रेम, समर्पण तथा अटूट सेवा भाव की महिमा का रसपान किया।
आचार्य कौशिक जी की ओजस्वी वाणी ने मोहा मन
कार्यक्रम में वृन्दावन से पधारे प्रख्यात कथाव्यास और परम गौभक्त पूज्य आचार्य श्री कौशिक जी महाराज ने अपनी ओजस्वी एवं भावपूर्ण वाणी से समां बांध दिया। कथा के दौरान पूरा परिसर 'जय श्रीराम' और 'गौमाता की जय' के जयकारों से गुंजायमान रहा। समिति के संयोजक अजय भगत ने बताया कि महाराज जी ने कथा के माध्यम से समाज में: आपसी समरसता को बढ़ाने का संदेश दिया। नई पीढ़ी में सनातन संस्कारों के बीजारोपण पर जोर दिया। धर्म के वास्तविक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
रायपुर की धरती से लिया था 1 लाख गौसेवा का महासंकल्प
कथा के दौरान आचार्य श्री ने गौसेवा के क्षेत्र में लिए गए अपने ऐतिहासिक संकल्प “एक लाख गौमाता एक छत के नीचे” को साझा किया। उन्होंने बताया कि: यह संकल्प 29 जनवरी 2020 को वसंत पंचमी के दिन रायपुर के बीटीआई मैदान (शंकर नगर) में लिया गया था। वर्तमान में वृन्दावन की तुलसी तपोवन गौशाला में 25,000 से अधिक गौवंश का पूरी श्रद्धा से भरण-पोषण हो रहा है। एक लाख गौवंश के इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे निरंतर दिन-रात सेवा में जुटे हैं।
वृन्दावन में 25,000 गौवंश का हो रहा पालन
महाराज श्री ने बताया कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए वे दिन-रात समर्पित हैं। वर्तमान में उनके द्वारा संचालित तुलसी तपोवन गौशाला (वृन्दावन) में 25,000 से अधिक लावारिस, बीमार और असहाय गौवंश का पूरे आदर और आनंद के साथ संरक्षण किया जा रहा है।
सनातनी समाज और मठ-मंदिरों से विशेष अपील
कथा के अंतिम दिन महाराज श्री ने देश भर के सनातनी जनमानस, संत समाज और बड़े मठ-मंदिरों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा गौमाता में बसती है। इसलिए सभी को आगे आकर गौशालाओं के निर्माण और संचालन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभानी चाहिए।
सदाणी दरबार में भी पहुँचे महाराज श्री
आयोजन के पश्चात सदाणी दरबार प्रमुख संत युधिष्ठिर लाल जी के आग्रह पर लौकिक दरबार के दर्शन लाभ लेकर दरबार में एकत्रित धर्मपरायण जनसमुदाय को महाराज श्री ने सनातन के मूल्यों को मजबूती देने हेतु सुंदर संदेश देते हुए प्रवचन किया।
संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही
श्री केवट चरित्र कथा के पूरे आयोजन के दौरान भक्ति संगीत, श्रीराम नाम संकीर्तन एवं भक्तिमय वातावरण से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिनमें किन्नर अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर सौम्या दीदी (सखी माँ), और संत समाज से प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजेश्वरआनन्द, भगवताचार्य शिवानंद जी, हिमांशु शास्त्री रहें।
जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी गण भी हुए शामिल
कथा में रायपुर उत्तर विधायक श्री पूरन्दर मिश्रा, श्री रामप्रताप सिंह अध्यक्ष कर्मकार मंडल छग शासन, डॉ वर्णिका शर्मा अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग, श्री गौरीशंकर अग्रवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, श्रीचंद सुंदरानी पूर्व विधायक, गुंजन प्रजापति जिला महामंत्री, पवार क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दलाल चौधरी, रविन्द्र सिंह उद्योगपति समाजसेवी, अशोक तलमले, महेन्द्र सिंघानिया, टेकराम पटले, विकास ठाकुर, निर्मल निगम, गोपाल चैनानी, प्रतीक देशमुख, बसंत बिसेन, काशीराम साहू, इन्दर चंद जैन, मुकेश प्रजापति, अनूप मसंद, दामू आम्बाडारे, उमेश यदु, युगल किशोर वर्मा, विश्वदीप महोबे, पंकज मालवीय, आनंद लहरे, चंद्र प्रकाश व्यास, अभिषेक तिवारी, प्रभाकर यादव, रितेश तिवारी, प्रमोद शुक्ला, मुकेश सोनी प्रदेश अध्यक्ष भारतीय योग संस्थान, राजेश अग्रवाल , प्रमोद खरे, सुरेश नामदेव, निर्मल निगम, विजय सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना, सामाजिक एकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
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